रविवार, 3 अगस्त 2025

 अपनी आंखों की सेहत के लिए स्क्रीन 

पर कम से कम समय दीजिए

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कतिपय सावधानियों के कारण 

मुझे अब तक मोतियाबिंद तक का भी 

आॅपरेशन नहीं कराना पड़ा है।इसलिए मुझे यह 

उपदेश देने का पूरा अधिकार है।

मेरी उम्र का आपको अंदाज होगा ही ।

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सुरेंद्र किशोर

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मूल सिद्धांत--कम से कम स्क्रीन टाइम !

क्योंकि मुझे अपनी आखें बहुत प्यारी हैं।

मैं कम्प्यूटर स्क्रीन पर तभी जाता हूं जब उस पर गए बिना मेरा काम नहीं चलता।

काम --यानी, रोजी-रोटी के लिए लेखन करने का काम।

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यदि कोई ऐसी सामग्री जो मेरे लेखन में मदद करेगी और वह स्क्रीन पर ही है यानी आॅनलाइन ही है तो मैं पहले उसका प्रिंट आउट निकालता हूं।

आप जानते ही हैं कि प्रिंट आउट निकालना कितना महंगा पड़ता है।पर आंखें तो अनमोल हैं।

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इन दिनों मुझे बड़ी मात्रा में दिन भर देश भर से कुछ न कुछ पठन सामग्री आती रहती है।उनके मैं सिर्फ हेडिंग पढ़ता हूं और उन्हें डिलीट कर देता हूं।यदि मेरे लेखन में काम आने लायक कोई चीज हो तो फिर उसका प्रिंट आउट ।

इसलिए जो लोग मुझे भेजते हैं ,वे यह न समझें कि मैं उसे पढ़ ही लूंगा।

क्योंकि मुझे अपनी आंखें प्यारी हैं।

अधिक स्क्रीन टाइम, यानी आंखों के कमजोर होते जाने के अधिक चांस !!!

अब आप ही फैसला करें ।मैं अपनी आंखें के साथ कैसा सलूक करूं ??

आप मुझे यह शुभ कामना दें कि आगे भी मुझे मोतियांिबंद तक का भी आॅपरेशन करना न पड़े।  

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2 अगस्त 25


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