कहीं देर न हो जाये !!
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इस देश के लोकतंत्र,अखंडता और संविधान के पक्षधरों और
इसके गैर पक्षधरों को जितनी जल्द पहचान लीजिएगा,उतना
अधिक आप सुरक्षित रहिएगा।
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सुरेंद्र किशोर
इस देश के कौन- कौन राजनीतिक दल और नेता प्रतिबंधित पाॅपुलर फ्रंट आॅफ इंडिया और बांग्ला देशी-रोहिग्या घुसपैठियों के विरोधी है ?
किन -किन दलों ने इन दो तत्वों के खिलाफ बयान दिए हैं ?
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किन- किन दलों ने पी.एफ.आई. और घुसपैठ की
समस्याओं पर चुप्पी साध रखी है ?
या,कौन -कौन दल इनका घुमा-फिरा कर समर्थन और बचाव करते रहते हैं ?
या,उनसे सांठगांठ रखते हैं ?आपके लिए यह जान लेना कठिन नहीं है।
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चूंकि इस देश में आने वाला समय काफी कठिन संघर्षों वाला होने वाला है,इसलिए देश के हितचिंतकों और वोट बैंक के हित चिंतकों को अभी से पहचान लें।
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बांग्ला देशी-रोहिग्या घुसपैठ
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करोड़ों की संख्या में वे इस देश में आ चुके हैं।आज भी आ रहे हैं।
इससे इस देश में आबादी का अनुपात तेजी से बदल रहा है।
इस्लामिक प्रवचन कर्ता डा.जाकिर नाइक को आप यू. ट्यूब पर यह कहते सुन सकते हें कि भारत में हिन्दुओं की आबादी अब कुल आबादी का सिर्फ 60 प्रतिशत ही रह गई है।
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पी.एफ.आई.
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इस हथियारबंद प्रतिबंधित इस्लामिक संगठन पी.एफ.आई. ने यह घोषणा कर रखी है कि हम हथियारों के बल पर सन 2047 तक भारत को इस्लामिक देश बना देंगे।यह संगठन हथियारबंद कातिलों के दस्ते तैयार कर रहा है।
बांग्ला देशी -रोहिंग्या घुसपैठियों की संख्या जितनी अधिक बढ़ेगी
पी.एफ.आई.का काम उतना ही आसान होगा।भारत सरकार का काम उतना ही कठिन होगा।
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यह आरोप लगाया जा रहा है कि मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान का विरोध इसीलिए हो रहा है ताकि घुसपैठियों के नाम इस देश की मतदाता सूची से चुनाव आयोग निकाल बाहर न कर सके।
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पश्चिम बंगाल में यह समस्या और भी गंभीर है।
वहां तो ममता बनर्जी घुसपैठियों के पक्ष में चट्टान की तरह खड़ी हैं।
वहां भी मतदाता पुनरीक्षण का काम होने वाला है।
वहां राष्ट्रपति शासन लगाये बिना चुनाव आयोग यह काम कर पाएगा या नहीं,यह देखना महत्वपूर्ण होगा।
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17 अगस्त 25
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