देश के बड़े पत्रकार और चिंतक दिलीप मंडल के अनुसार,
‘‘संसद की कार्यवाही में दर्ज है और कोई भी इसे चेक कर सकता है कि इंदिरा गांधी सरकार में कानून और वक्फ मंत्री रहे मोहम्मद यूनुस सलीम ने राज्य सभा में गर्व के साथ विस्तार से बताया था--‘‘हां, न्यायप्रिय बादशाह औरंगजेब ने काशी में विश्वनाथ मंदिर को तोड़ा था।’’
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इतिहासकार इरफान हबीब ने भी कहा है कि ‘‘औरंगजेब ने काशी और मथुरा में मंदिरों को ध्वस्त कर दिया था।’’
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पर,इसके बावजूद मुस्लिम वोटलोलुप राजनीतिक दल,मुस्लिम धार्मिक नेता,वामपंथी इतिहासकार और पथ भटके पत्रकार-बुद्धिजीवी इन मामलों में लगातार झूठ क्यों बोलते हैं ?
उनके झूठ बोलने के कारण ही हिन्दू वोट भाजपा कीे ओर जाता रहा है।
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सन 2002 में गोधरा में जेहादियों ने 59 कार सेवकों को जिन्दा जला दिया था।कितने तथाकथित सेक्युलर व भाजपा विरोधी दलों ने उस मानव दहन कांड की सार्वजनिक तौर पर निन्दा की ?
आज भी कितने वैसे लोग बंगाल में प्रस्तावित बाबरी मस्जिद का विरोध कर रहे हैं ?
इसके बावजूद कोई चाहेगा कि भाजपा न बढ़े तो हिन्दू बहुल देश में यह कैसे हो सकता है ?
जबकि भारत के भीतर भी तरह तरह के ‘जेहादी हिंसा’ में इन दिनों बड़ी संख्या में देशी-विदेशी मुस्लिम लगे हुए हैं।ऐसे जेहादियों के खिलाफ कितने भाजपा विरोधी नेताओं के बयान आते हैं ?
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