मैं भारतीय पहले, पत्रकार बाद में
----------------------
सुरेंद्र किशोर
-------------
मैं पत्रकार हूं।
लेखक हूं।
किसान भी हूं।
गृहस्थ हूं।
पर,सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि मैं इस देश का
नागरिक हूं।
एक नागरिक के रूप में मैं चाहता हूं कि यह देश
लोकतांत्रिक बना रहे।पर दूसरी ओर देश-विदेश की हिंसक-अंिहंसक शक्तियां इसे इस्लामिक देश बनाने के लिए जी-जान से लगी हुई हैं।
कुछ लोग वोट के लिए और अन्य लोग ‘गजवा ए हिन्द’ के लिए
अपनी- अपनी शैली में प्रयत्नशील हैं।
कई जगह दोनों तत्व जाने-अनजाने एक दूसरे के मददगार
बन रहे हैं।
-----------
मध्य युग की वापसी की कोशिश को रोकने का मेरा प्रयास है।भले यह
गिलहरी प्रयास है,पर जारी रहेगा।
ताकि, मेरे वंशज को भी सनातन धर्म-संस्कृति का शांतिपूर्वक पालन करने की अनंत काल तक सुविधा उपलब्ध रहे।
इस क्रम में बाकी बातें मेरे लिए कोई महत्वहीन हैं।
-------------
इसी बात को ध्यान में रखते हुए कोई व्यक्ति मेरे लेख या पोस्ट को पढ़े।
मुझसे जो बिलकुल सहमत नहीं हैं,उन्हें मेरा फेसबुक फें्रड बने रहने का कोई औचित्य नहीं है।
-----------------
22 फरवरी 26
कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें