फेसबुक संवाद की एक झलक
-----------------
जिनके पास आपके तथ्यों और तर्कों का सही -सटीक जवाब नहीं होता ,वे
पहले आपकी मंशा पर सवाल उठाते हैं और फिर अशिष्टता-असभ्यता-अश्लीलता पर उतर सकते हैं।
---------------
ऐसे लोगों की परवाह न करके अपने मान-अपमान की चिंता किए बिना जो
बात भी देशहित में हैं,उसे लिखते जाइए।
क्योंकि देश इन दिनों अभूतपूर्व संक्रमण काल से गुजर रहा है।
ऐसे में जरुरी है कि आप लोकतंत्र,संविधान,धर्म निरपेक्षता,कानून के शासन के पक्ष में मजबूती से खड़े रहें।
कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें