रविवार, 21 दिसंबर 2025

 अब भी समय है,चेत जाइए

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अपनी रक्षा करनी है तो बांग्ला देशी-रोहिंग्या घुसपैठियों के समर्थकों को और एसआईआर के विरोधियों को चुनावों में चुन -चुन कर हराइए

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सुरेंद्र किशोर

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अन्यथा, बांग्ला देश में आज जो कुछ हो रहा है,वह सब कल भारत की मुख्य भूमि पर भी संभव है।उसकी तैयारी में ‘‘वे लोग’’ यहां भी भीतर-भीतर लगे हुए हैं।भारत के भीतर के जेहादीगण, स्काउट एंड गाइड के नाम पर निजी सेना तैयार कर रहे हैं।प्रतिबंधित इस्लामिक संगठन पी.एफ.आई.हथियारबंद दस्ते तैयार कर रहा है।उसका लक्ष्य है सन 2047 तक भारत को इस्लामिक देश बना देेने का।

  इस देश के एक बड़े राजनीतिक दल का पीएफआई-एसडीपीआई से चुनावी तालमेल रहता है।

तेलांगना के कांग्रेसी मुख्य मंत्री यह घोषणा कर चुके हैं--‘‘कांग्रेस मतलब मुस्लिम और मुस्लिम मतलब कांग्रेस।’’

यानी,भारत के भीतर के भी संकेत खतरनाक हैं

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आज बांग्ला देश में 

वही सब हो रहा है जो सब मध्य युग में इस देश में हुआ था।

जो सब ढाई दशक पहले कश्मीर में हुआ जहां से लाखों हिन्दू भगा दिये गये थे।उन्हें हिंसा, बलात्कार व जघन्य जेहादी अत्याचार-अनाचार सहने पड़े थे।कोई उन्हें बचाने नहीं गया।  

एक अपुष्ट सूचना के अनुसार पश्चिम बंगाल के कुल 37 हजार 945 गांवों में से करीब 8000 गांवों से गैर मुस्लिम भगाए जा चुके हैं।

उन्हें कितनी पीड़ा देकर भगाया गया होगा,वह सब लिखने तक की हिम्मत वहां किसी को नहीं रही।

बांग्ला देश में सन 1901 में हिन्दुओं की जनसंख्या 33 प्रतिशत थी।सन 2022 में 7.95 प्रतिशत रह गई।घटती ही जा रही है।

भारत के कुल 800 जिलों में से आजादी के बाद 200 जिलों में हिन्दू अब अल्पसंख्यक हो चुके हैं।

इस देश में नब्बे हिन्दुओं के बीच 10 मुस्लिम सुरक्षित रहते हैं।पर नब्बे मुसलमानों के बीच 10 हिन्दू सुरक्षित नहीं रहते।जमीन मकान बेच कर उन्हें भाग जाना पड़ता है।इसके अनेक उदाहरण हैं।  

जो राजनीतिक दल और अन्य लोग यह चाहते हैं कि मतदाता सूची गहन पुनरीक्षण का काम न हो,घुसपैठिए इस देश से न निकाले जाएं,वे वोट के लिए जाने-अनजाने अंततः वही नौबत यहां लाने के प्रयास में लगे हैं  जो कुछ आज बांग्ला देश में हो रहा है,वह सब कल पूरे भारत में हो।बांग्ला देश की जघन्य घटनाओं को भारत के लोग भी अपने टी.वी.सेटों पर देख ही रहे हैं।यह संयोग नहीं है कि आज की खबर के अनुसार जेहादी समर्थक राजनीतिक दल महाराष्ट्र के स्थानीय चुनाव में हार गये।यह अच्छा संकेत है कि शेख हसीना के अपदस्थ होने के बाद बांग्ला देश में हिन्दुओं को जिस तरह वहां के जेहादियों ने प्रताड़ित किया,उसे देखकर भारत के मतदाता गण झारखंड के अपवाद को छोड़कर जेहादी समर्थक दलों को लगातार पराजित करते जा रहे हैं।बिहार उसका ताजा उदाहरण रहा।इन दलों के सफाये के बाद ही केंद्र सरकार सही ढंग से इस देश में फैले जेहादियों से निपट सकेगी।

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आम व शांतिप्रिय लोगों से अपील है कि आप लोग जेहादी तत्वों के समर्थक नेताओं ,दलों को जल्द से जल्द पहचान लीजिए अन्यथा एक दिन आपको और हमको भाग कर शरण पाने के लिए दुनिया में कहीं जगह भी नहीं मिलेगी।क्या यह कोई मामूली बात है कि इस देश के एक मुस्लिम बहुल जिले में बाबर के नाम पर मस्जिद बन रही है ?

मस्जिद बनाइए।पर बाबर को एक बार फिर दृश्य में लाने का उद्देश्य क्या है ? जेहादियों के लिए एक प्रेरणा स्त्रोत तैयार करना।

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डा.जाकिर नाइक को यूट्यूब पर यह कहते हुए आप सुन सकते हैं कि अब भारत में हिन्दुआंे की आबादी 80 प्रतिशत से घटकर 60 प्रतिशत रह गई है।

जेहादी लोग स्थानीय मान सिंहों और जयचंदों की मदद से हिन्दुओं की संख्या घटाते जा रहे हैं और घुसपैठ करा कर व आबादी बढ़ा कर तथा अन्य तरीकों से मुसलमनों की संख्या बढ़ाते जा रहे हैं।

याद रहे कि मध्य युग में जयचंद ने तटस्थ रह कर जेहादियों की मदद की और मान सिंह अकबर का सेनापति बनकर उसे मदद की।

पर,मुहम्मद गोरी की सेना ने पृथ्वीराज चैहान को मारने के बाद जयचंद को भी मार डाला था।यदि जेहादी हावी हुए तो आज के जयचंद भी नहीं बचेंगे।

इन दोनों तरह के तत्व आज भी भारत में उसी तरह की भूमिका में हैं।

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21 दिसंबर 25

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पुनश्चः

कई दशक पहले जब कांग्रेस-प्रतिपक्ष के देशभक्त नेताओं ने प्रधान मंत्री जवाहरलाल नेहरू से कहा कि चीन आगे बढ़ता जा रहा है।हम पर खतरा है।कुछ कीजिए।

उसके जवाब में नेहरू व उनके भक्तों ने भी उन्हें एक तरह से पागल ही कहा था।पर जब 1962 में चीन ने हमारी हजारों वर्गमील जमीन पर कब्जा कर लिया तो नेहरू उस शोक में अधिक दिनों तक जीवित नहीं रह सके।

आज तो इस देश और सनातन के जीवित रहने या नहीं रहने का सवाल है।

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