इस देश में एक पूर्व निजी सचिव, प्रधान
मंत्री बने तो दूसरे निजी सचिव, राष्ट्रपति
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सुरेंद्र किशोर
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अटल बिहारी वाजपेयी कभी भारतीय जनसंघ के संस्थापक डा.श्यामा प्रसाद मुखर्जी के निजी सचिव थे।
अटल जी बाद में क्या बने,सबको मालूम है।
हुमाऊं कबीर, मौलाना अबुल कलाम आजाद के निजी सचिव थे।बाद में कबीर साहब, केंद्रीय मंत्री बने।
राम नाथ कोविन्द प्रधान मंत्री मोरारजी देसाई के निजी सचिव थे।
बाद में कोविन्द साहब राष्ट्रपति बने।
डा.सुधांशु त्रिवेदी मुख्य मंत्री राजनाथ सिंह के सूचना अधिकारी थे।
डा.त्रिवेदी आगे क्या बनेंगे ,उसकी कोई सीमा नहीं है--स्काई इज द लिमिट --जैसी उनकी अद्भुत योग्यता है।
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लगे हाथ, मैं भी अपना थोड़ा प्रचार का लूं।
मैं 1972-73 में कर्पूरी ठाकुर का निजी सचिव था।
राजनीति से मन ऊब गया तो पत्रकार बन गया।
अन्यथा,राजनीति में रह जाता तो मैं भी कम से कम अपने गांव
का मुखिया या सरपंच तो बन ही सकता था।
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7 जुलाई 26
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