मैं जानता हूं कि मेरी बात कोई नहीं सुनेगा।
पर, चेतावनी देना मैं अपना नागरिक कत्र्तव्य समझता हूं।
कल यह तो कोई नहीं कहेगा कि पहले चेताया क्यों नहीं था !
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सुरेंद्र किशोर
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घर का ही बनाया खाइए।
अपनी जमीन हो तो घर का ही उपजाया खाइए।
बाकी तो कदम- कदम पर खतरा है--
डेग- डेग पर कैंसर है ।
सरकारें दूसरे कामों में व्यस्त हैं।
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समस्या की गंभीरता को देखते हुए सरकारों को चाहिए कि वे मिलावट को रोकने के लिए एक अलग विभाग बनाए।
जिस तरह बाहर के दुश्मनों को रोकने के लिए रक्षा मंत्रालय बनाया गया है।
मिलावट खोरों के लिए फांसी की सजा का प्रावधान हो।
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12 अगस्त 26
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