भारत अब अपना भविष्य चुन ले !
------------------
इतिहास से सीखना है या मध्य
युग का इतिहास दोहराना है ?
----------------
सुरेंद्र किशोर
----------------
1-श्रीराम ने आड़ में छिपकर बालि को मारा था।
यदि वे वैसा नहीं करते तो नतीजा क्या होता ?!
2.-कर्ण के रथ का पहिया जब जमीन में धंस गया था
तो श्रीकृष्ण ने अर्जुन से कहा था कि यही मौका है ,अभी इसे मार दो।
यदि अर्जुन ने श्रीकृष्ण के आदेश का पालन नहीं किया होता तो क्या होता ?
3.- भीष्म और द्रोणाचार्य को कैसे मारा गया ?
यदि इन्हें नहीं मारा जाता तो क्या होता ?
----------------
(लगता है कि मोसाद ने राम-कृष्ण की कहानियां पढ़ी होगी।इसीलिए अनेक दुर्दांत दुश्मनों के बावजूद इजरायल अब भी जिंदा है।लेकिन हम ही अपना इतिहास भूल गये।
-------
नतीजतन
-----
गजनवी ने भारत पर जब आक्रमण किया तो उसने अपनी सेना के आगे गायों का झुंड तैनात कर दिया था।
हिन्दू सेना गोवध से मुकर गई।
फिर उसका नतीजा क्या हुआ ?
---------------
पृथ्वीराज चैहान ने पहली बार जब गोरी को हराया तो गोरी माफी मांग कर छूट गया।
गोरी ने बाद मंे हमला कर के चैहान का सफाया कर दिया।उसकी सेना ने जयचंद और संयोगिता को भी नहीं बख्शा।
गोरी के यहां काफिरों के लिए माफी का कोई प्रावधान ही नहीं था।वैसे चैहान ने माफी मांगी भी नहीं थी।
यानी,पहली बार माफ कर देने का नतीजा क्या हुआ ?
सब जानते हंै।
------------------
अब आज क्या होने वाला है--देखते जाइए-
हमारे हुक्मरान राम-कृष्ण की राह पर चलते हैं या
गोरी-गजनी काल वाली ऐतिहासिक गलतियांें को दोहराते हैं !
अमरीकी राजनीतिक वैज्ञानिक सैम्युअल पी. हंटिग्टन
(1927-2008) ने कहा था कि ‘‘शीत युद्धोत्तर संसार में लोगों की सांस्कृतिक और धार्मिक पहचान, संघर्षों का मुख्य कारण बनेगी।’’आज भारत ही नहीं बल्कि
दुनिया के बड़े हिस्से में हंटिंगटन की भविष्यवाणी चरितार्थ हो रही है।पर भारत के ‘‘हिन्दू नामधारी अर्ध जेहादी तत्व’’ यह प्रचार कर रहे हैं कि हिन्दुओं के अत्याचार के कारण ही यहां मुस्लिम आक्रामकता बढ़ी है।
वे इस बात का जवाब नहीं देते थे कि चीन जैसे सेक्युलर देश में 2 करोड़ मुसलमान क्यों जेहाद पर उतारू हैं ?
मध्य युग में विदेशी मुस्लिम हमलवार कहां के हिन्दुओं के अत्याचार से पीड़ित होकर भारत आकर युद्ध करने लगे थे ?
--------------
पुनश्चः
---
फ्रांसिसी इतिहासकार बर्नियर ने लिखा है कि महाराजा जसवंत सिंह जब युद्ध में हार कर अपने किले के गेट पर वापस पहुंचे तो उनकी पत्नी ने किले का दरवाजा बंद करवा दिया।
उसने पति की हार से खुद को अपमानित महसूस किया था।
अपने राज घराने की परंपरा को ध्यान में रखते हुए वह चाहती थी कि पति या तो जीत कर आएं या युद्ध भूमि में ही शहीद हो जाएं।जसवंत सिंह लौटे और शहीद हो गये।संभवतः महारानी, मशहूर चित्तौड़ परिवार की बेटी थी।
याद रहे कि चितौड़ राज घरानों की महिलाओं ने पराजय के बाद खुद को जला लिया था।
क्योंकि उन्हें आशंका रहती थी कि वैसे आक्रांता मृत शरीर के साथ भी कुकृत्य कर सकते थे।ऐसा ही उनका इतिहास था।
--------------------
आज भारत सहित दुनिया के अनेक देशों में जेहादी चरम सक्रिय हैं।
सिर्फ इजरायल और चीन उन्हें माकूल जवाब दे रहे हंै।
आज भारत के सामने बहुत बड़ी समस्या है।वह यह कि भारत के भीतर धीरे-धीरे बाहरी-भीतरी जेहादियों के हाथों यह देश अपनी जमीन और आबादी खोता जाएं (मुर्शिदाबाद इसका ताजा उदाहरण है।)या ‘‘अब नहीं तो कभी नहीं’’ की रणनीति के तहत नौ-या छह कर लिया जाये।
(मुख्य मंत्री बुद्धदेव भट्टाचार्य ने अपने शासनकाल में कहा था कि राज्य के सात जिलों में सामान्य प्रशासन चलाना हमारे लिए मुश्किल हो गया है।ताजा खबर है कि अब उन जिलों की संख्या बढ़कर नौ हो गयी है।मुर्शिदाबाद वैसा ही एक जिला है।)
चीन के श्ंिागजियांग प्रांत के जेहादी उइगर मुसलमानों को सुधारने के लिए वहां की सरकार उन्हें अभूतपूर्व पीड़ा दे रही है।फिर भी उस पर कोई नहीं कह रहा है कि उइगर मुसलमान किसी अन्याय-अत्याचार से ऊब कर वहां विद्रोह पर उतारू हैं।सच तो यह है कि उन्हें भी पूरी दुनिया में इस्लाम का शासन चाहिए,इसीलिए वे वहां भी सक्रिय हैं।
पर,भारत मंे एक बहुत बड़ी गैर मुस्लिम जमात है जो हर जेहादी हिंसा के लिए उल्टे हिन्दुओं को दोषी ठहरा देती है।
---------------
और अंत में
-----
यदि पाकिस्तान ने परमाणु हथियारों का इस्तेमाल किया तो भारत को थोड़ा नुकसान जरूर होगा।पर उसकी प्रतिक्रिया में भारत क्या करेगा ?
चुप बैठेगा ?बिलकुल नहीं।
फिर पाकिस्तान का क्या होगा ?
(नोट-मुझे यह कड़ा पोस्ट क्यों लिखना पड़ा ?क्योंकि मुझे
अपने वंशजों के भविष्य की चिंता है।साथ ही, मुझे कोई चुनाव तो लड़ना नहीं !
मैं इतिहास का विद्यार्थी रहा हूं।साथ ही,उसके अलावा भी बहुत कुछ पढ़ता रहता हूं।पूरी दुनिया का दृश्य मेरी आंखों के सामने है।इसलिए मुझे जेहादियों की मानसिकता और उनके लक्ष्य का पूरा-पूरा पता है।)
भारत में आज यदि नरेंद्र मोदी का शासन नहीं होता तो न जाने कितने और मुर्शिदाबाद यहां अब तक बन गये होते।
न जाने कितने लाख लोगों का आंतरिक पलायन हो चुका होता।
ब्रिटेन के कमजोर शासन के कारण आज वहां के मोहल्ला दर मोहल्ला पर जेहादियों का कब्जा होता जा रहा है।ब्रिटेन के सात नगरों के मेयर अब मुस्लिम हैं।
ब्रिटेन की गैर मुस्लिम बच्चियों के साथ हो रहे कुकर्म की चिंता अमेरिका के एलन मस्क को करना पड़ रहा है,न कि मुस्लिम वोट लोलुप प्रधान मंत्री स्टार्मर को।
जिस तरह भारत के राजाओं -बादशाहों के बीच डिवाइड एंड रूल करके भारत पर ब्रिटिशरों ने कब्जा किया था,
( ब्रिटिश इतिहासकार सर जे.आर.सिली ने यह बात अपनी किताब में दर्ज की है )उसका बदला घुसपैठ करके व शरणार्थी बन कर तथा लेबर पार्टी और कंजरवेटिव पार्टी के मतभेद का फायदा उठाकर बाहरी मुस्लिम लोग ब्रिटेन की राजनीति-सत्ता पर कब्जा करते जा रहे हैं।
भारत में भी लेबर और कंजरवेटिव की प्रतिमूर्ति मौजूद हैं जो वही काम यहां कर रहे हैं।ऐसे ही माहौल में श्रीकृण को गीता मंे अर्जुन से यह कहते पढ़ा जा सकता है-- हे अर्जुन युद्ध करो !
लखनऊ के अर्जुन ने कहा था--माफियाओं को मिट्टी में मिला दूंगा।काफी हद तक वह काम हो गया।
अब हस्तिानापुर का अर्जुन जेहादियों से कह रहा है--मिट्टी में मिला दूंगा।पता नहीं, इसे कार्य रूप कब दिया जाएगा ?
लोग कहते हैं बड़े अर्जुन पर भी भरोसा रखो।
अधीर मत बनो।
एक बार फिर कह दूं--मुझे अपने वंशजों की चिंता है।
---------------
28 अपैल 25