सोमवार, 26 मई 2025

 जेहाद या सिंधु जल ?!

दोनों की सुविधा एक साथ नहीं मिलेगी।

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अच्छा अवसर है।

नये जमाने को देखते हुए पाकिस्तान को भी चाहिए कि वह 

सऊदी अरब की ही तरह खुद को बदले।

गैर मुस्लिमों के साथ मिल जुलकर रहिए।

हिन्दुओं का मन-मिजाज सर्व धर्म समभाव वाला है।उसका लाभ उठाइए।

आप अपने देश में भी भारत की तरह ही संपन्नता लाइए।इस 

काम में भारत से आपको मदद मिलेगी।

ऐसा युद्ध क्यों लड़ना जिसमें हार निश्चित है ?

इसलिए भारत में भी अशांति मत फैलाइए।

जेहाद का लक्ष्य छोड़िए।अब मध्य युग नहीं है।

पहले परमाणु बम की धमकी दे रहे थे।

कारगर नहीं हुआ।अब सांस रोकने की धमकी दे रहे हैं।

वह भी कामयाब नहीं होगा।

इस बार एक मोदी से आपको पाला पड़ा है।

वह तौल कर कीमत वसूलेगा।

यदि आप जेहाद पर अड़े रहेंगे तो आपको सिंधु जल कभी नहीं मिलेगा।

जो होना होगा, इस बार होकर रहेगा।

टुकड़ों में तो आप सांस रोकते ही रहे हैं।

26 की सांस पहलगाम में आपने हाल में ही रोका।

1947 से अब तक जेहादी हिंसा में करीब 20 हजार भारतीयों की जानें आप ले चुके हैं।

अब भारतीयों को भी टुकड़ों में मरना मंजूर नहीं।

भारत अब न तो 1947 वाला है,न 1965 वाला और न ही 2008 वाला।

मोदी सरकार ने सेना को भी काफी मजबूत कर रखा है।

भारत सरकार के फंड अब बड़े -बड़े घोटालों में नहीं जा रहे हैं।

विकास और सुरक्षा में लग रहे हैं।

भारत की अधिकतर जनता भी उसके साथ है।

आपरेशन सिन्दूर के बाद मोदी का समर्थन बढ़ा है।

कोई सर्वे करवा सकता है।

भारतीय सेना ढाई मोरचों पर

भी एक साथ लड़ सकती है।

यदि नहीं मानिएगा तो अंतिम फैसला इस बार हो ही जाएगा।

वैसे शांति सबके लिए सही मंत्र है।

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24 मई 25


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