सोमवार, 26 मई 2025

 याद है ‘शोले’ फिल्म वाले ठाकुर 

साहेब का राम गढ़ ?

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सुरेंद्र किशोर 

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जिस काल्पनिक गांव राम गढ़ में शोले फिल्म की शूटिंग हुई थी,उसके बगल में है वास्तविक रामनगर।

 रामनगर पहले दक्षिण बंगलोर जिले में पड़ता था।

2007 की गैर कांग्रेसी कर्नाटका सरकार ने दक्षिण बंगलोर जिले का नाम बदल कर रामनगर रख दिया।

  अब की मौजूदा कांग्रेसी सिद्धारमैया सरकार ने केंद्र की मोदी सरकार के विरोध के बावजूद रामनगर जिले का नाम फिर से बंगलुरू दक्षिण कर दिया है।

कहते हैं कि यह काम कांग्रेस के ‘‘ताकतवर मुस्लिम वोट बैंक’’ के दबाव में आकर किया गया।

 उस वोट बेंक को राम का नाम बर्दास्त नहीं था ! याद रहे कि

पिछले कर्नाटका विधान सभा चुनाव में देवगौड़ा की पार्टी को भी पूरी तरह छोड़कर कर्नाटका के मुसलमानों ने अपना एकमुश्त वोट कांग्रेस को दे दिया था।स्वाभाविक है कि वे उसकी कीमत वसूल रहे हैं।

इससे पहले कर्नाटका सरकार के ठेके में 4 प्रतिशत मुसलमानों का हिस्सा रिजर्व कर दिया गया है।

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इधर जयपुर (राजस्थान) में जिन मिठाइयों के नाम के साथ ‘पाक’ शब्द जुड़ा हुआ था,उसे बदल कर यानी पाक की जगह ‘श्री’ शब्द जोड़ दिया गया।कहा गया कि पहलगाम में जेहादी हमले के बाद भारतीयों में बढ़े आक्रोश की मार मिठाई को झेलनी पड़ी है।

स्वामी रामदेव का भी एक लोकप्रिय प्रोडक्ट है--बादाम पाक-एक फूड सप्लीमेंट।

मैं उसका सेवन करता हूं।क्या राम देव जी भी बादाम से पाक को डिलिंक करेंगे ?

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भूली बिसरी याद उस ‘राम गढ’़ की

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  आपातकाल में जार्ज फर्नांडिस के बुलावे पर देश भर के हम कुछ चुने हुए समाजवादी कार्यकर्ता और नेता बंगलोर (उस समय तक वह बंगलुरू नहीं हुआ था।)गये थे।

बंगलोर के होटल में कई दिनों तक रहे।

शाम के अंधेरे में जार्ज के साथ हम एक ‘‘खास तरह की टंे्रनिंग’’लेने के लिए उसी पहाड़ी पर जाते थे, जिस पर गब्बर सिंह यानी अमजद खान बैठा करता था।

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वहां हमें बताया गया कि धर्मेंद्र -अमिताभ आदि कलाकार बंगलोर के होटल में रहते थे और शूटिंग के लिए हर सुबह आॅटो रिक्शे से 50 किलोमीटर दूर रामगढ़ जाते थे।(उस समय तक उनमें कार लायक संपन्नता नहीं आई थी।)

तब वहां यह जानना और देखना रोमांचक काम लगा था।वैसे हमलोग भी रोमांचक काम के लिए ही वहां रात मंे जाते थे।

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जिले का नाम बदलने का अधिकार किसे हैं ?

केंद्र को या राज्य सरकार को।

इस बार के परिवर्तन के बाद शायद यह विवाद आगे बढ़ सकता है।

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25 मई 25

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और अंत मंे

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 क्या आपने ध्यान दिया ?

राजस्थान के किसी जिला मुख्यालय का नाम इलाहाबाद,मुजफ्फर पुर ,अली गढ़ ,आजम गढ,़ फतेहपुर या गाजीपुर जैसा नहीं है ?

शुक्र है कि कर्नाटका की सरकार ने दंक्षिण बंगलुरू की जगह टीपू सुल्तान नगर नहीं रखा।उसे इस बात के लिए तो धन्यवाद दे ही दीजिए। 



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