मुख्य समस्याएं हैं--भ्रष्टाचार और जेहाद।
-------------------
जिस नेता के मन में इन दो तत्वों के खिलाफ गुस्सा नहीं, वह देश-प्रदेश का कभी भला नहीं कर सकता।
------------------
सुरेंद्र किशोर
-------------
मैं किसी नेता को इसी कसौटी पर कसता हूं कि उसके मन में भ्रष्टाचारियों और जेहादियांे के खिलाफ गुस्सा है या नहीं।
जिसके मन में इन दो तत्वों के खिलाफ गुस्सा नहीं है,वह कभी देश-प्रदेश का भला नहीं कर सकता।
-----------
इस पृृष्ठभूमि में कुछ लोग मुझसे पूछते हैं कि प्रशांत किशोर के बारे में आपकी क्या राय है ?
इसके जवाब में मैं कहता हूं--
ममता बनर्जी के मन में न तो जेहादियों के खिलाफ कोई गुस्सा दिखाई पड़ता है और न ही भ्रष्टाचारियों के खिलाफ।
दूसरी ओर, प्रशांत किशोर के मन में ममता बनर्जी के खिलाफ कोई गुस्सा नहीं है।पी.के.तो ममता के चुनावी सलाहकार रहे हैं।
-------------
इतना ही नहीं,यह बात भी ध्यान में रखिए-पी.के.नीतीश से अलग क्यों हुए थे ?
इसलिए हुए थे क्योंकि नीतीश कुमार सी.ए.ए. के समर्थक थे और प्रशांत किशोर विरोधी।
यह भी ध्यान रहे कि जेहादी संगठन पी.एफ.आई.ने सी.ए.ए. के खिलाफ देश भर में हिंसा की थी।
-----------------
और अंत में
-------
नरेंद्र मोदी और योगी आदित्य नाथ जेहादियों -भ्रष्टाचारियों के सख्त खिलाफ हैं।
वे दोनों अमित शाह के सहयोग से भ्रष्टाचारी उन्मूलन-जेहादी उन्मूलन के काम में लगे हुए हैं।काम कठिन है।इसीलिए धीरे- धीरे हो रहा है।
इसी कारण आज देश के सबसे लोकप्रिय नेता मोदी और योगी हैं क्योंकि आम जनता की बहुसंख्या जेहाद-भ्रष्टाचार के सख्त खिलाफ है। जेहाद और भ्रष्टाचार का आपसी रिश्ता भी है।दोनों एक दूसरे को मदद पहुंचा रहे हैं।इससे देश की एकता-अखंडता को भारी खतरा है।क्योंकि इजरायल तो जेहादियों से घिरा हुआ है किंतु भारत के भीतर ही बड़ी संख्या में जेहादी बसते हैं।
--------------
22 अक्तूबर 25
कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें