कैसे -कैसे नोबल विजेता ?
ऐसे -ऐसे नोबल विजेता !
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सुरेंद्र किशोर
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बांग्ला देश के नोबल विजेता मुहम्मद यूनुस (2006 के नोबल विजेता)के कारनामों से आप अच्छी तरह परिचित हो ही चुके हैं।
अब नोबल विजेता द्वय अमत्र्य सेन और अभिजीत बनर्जी से भी परिचित हो जाइए।
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अभिजीत बनर्जी (2019 का नोबल विजेता)
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‘‘चाहे यह भ्रष्टाचार का विरोध हो या भ्रष्ट के रूप में देखे जाने का भय,शायद भ्रष्टाचार अर्थ -व्यवस्था के पहियों को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण था, इसे काट दिया गया है।
मेरे कई व्यापारिक मित्र मुझे बताते हैं निर्णय लेेने की गति धीमी हो गई है।.............’
--नोबेल विजेता अभिजीत बनर्जी,
हिन्दुस्तान और हिन्दुस्तान टाइम्स
23 अक्तूबर 2019
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यह कोई संयोग नहीं है कि बनर्जी राहुल गांधी के
करीबी रहे हैं।
अभिजीत बनर्जी ने ही राहुल गांधी को ‘‘न्याय योजना’’ शुरू करने की सलाह दी थी।
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अमत्र्य सेन(1998 के नोबल विजेता)
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नोबल विजेता अमत्र्य सेन ने जनवरी, 2023 में कहा था कि ममता बनर्जी प्रधान मंत्री पद के लिए योग्य उम्मीदवार हैं।यह सुनकर ममता बनर्जी ने कहा कि उनकी इच्छा मेरे लिए आदेश है।
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नोबल विजेता के ऐसा कहने का कारण
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मुख्य मंत्री ममता बनर्जी यह भी कह चुकी हैं कि ‘‘विश्व भारती भूमि नाजायज कब्जा प्रकरण’’ मामले में मैं अमत्र्य सेन के साथ हूं।
याद रहे कि विश्व विद्यालय की 13 डिसमिल जमीन पर अवैध कब्जा का आरोप लगाते हुए गत 20 अप्रैल, 23 को विश्व भारती विवि ने जमीन खाली करने के लिए अमत्र्य सेन से कहा था।
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याद रहे कि डायनामाइट के आविष्कारक अल्फ्रेंड नोबल ने नोबल पुरस्कार की स्थापना की थी।वे स्वीडेन के निवासी थे।
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1.-मुहम्मद यूनुस ने शेख हसीना के धर्म निरपेक्ष बांग्ला देश में डायनामाइट लगाया।
2.-अभिजीत बनर्जी ने नरेंद्र मोदी के भ्रष्टाचार विरोधी अभियान में डायनामाइट लगाने की कोशिश की।
3.-अमत्र्य सेन ने जमीन पर अवैध कब्जा कर विश्व विद्यालय जैसे पवित्र स्थान की पवित्रता में डायनामाइट लगा दिया।
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26 दिसंबर 25
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पुनश्चः
ध्यान रहे कि अमत्र्य सेन ने सी.ए.ए.का भी विरोध किया था।यानी इस मामले में वे भारत के जेहादियों के साथ थे।पी.एफ.आई.ने सी.ए.ए.के विरोध में दंगे किये थे।
इससे पहले दुनिया की कई ऐसी राजनीतिक हस्तियों को भी शांति का नोबल पुरस्कार मिल गया था जिन पर आरोप लगा कि वे तो शंति को डायनामाइट लगाने का काम भी कर रहे थे।
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