मत चूको चैहान !
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मुख्य मंत्री नीतीश कुमार की हरी झंडी के बाद ‘सम्राट-विजय’
को चाहिए कि वे अपराध-भ्रष्टाचार विरोधी अपने
अभियान को और तेज, और सघन कर दें।
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सुरेंद्र किशोर
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इतिहास ने आप लोगों को जो मौका दिया है,उसे किसी बाहरी-भीतरी दबाव
में आकर गंवा देने से न तो बिहार की जनता को फायदा है और न ही
आपके राजनीतिक करियर को।
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बिहार के उप मुख्य मंत्री द्वय सम्राट चैधरी और विजय कुमार सिन्हा के
क्रमशः अपराध-अतिक्रमण विरोधी और भ्रष्टाचार विरोधी अभूतपूर्व अभियानों से
राज्य की शांतिप्रिय जनता इन दिनों गद्गद् है।उसे बेहतरी की उम्मीद बंधी है।
इसे स्थायी खुशी में बदलने का भार इन दो युवा और उत्साही नेताओं पर है।
इतिहास ने इन्हें सुनहरा मौका दिया है।अवसर उपलब्ध है तो आप मौके पर चैका लगाइए।
इस बीच मुख्य मंत्री नीतीश कुमार ने कल कह ही दिया कि ‘‘सम्राट बहुत
अच्छा काम कर रहे हैं और आगे बहुत दूर तक जाएंगे।’’
अब क्या चाहिए
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हांके भीम बढ़े चैगुना !!
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हनुमान की तरह अपनी ताकत पहचानिए।जनता साथ है तो सत्ता की ताकत
के सामने कोई अन्य ताकत कारगर नहीं हो पाएगी।
जो कर रहे हैं , उस ऐतिहासिक काम में चैगुना जोर लगा दीजिए।
इतिहास में अपना नाम स्थायी तौर पर दर्ज करा दीजिए।
आम लोगों को तो काम से मतलब है।उन्हें अपराध-भ्रष्टाचार-अतिक्रमण
से राहत से मतलब है।
अपनी मौजूदा पीड़ा दूर होने से मतलब है।अपवादों को छोड़कर वे जातपात नहीं देखते
यदि नेता अच्छा काम कर रहा हो।
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इस देश में मौका मिलने पर चैका लगाने वाले नेताआंे में खुद नीतीश कुमार भी शामिल हैं।
उन्होंने बिहार को बदल दिया।
निहितस्वार्थ के चंगुल में फंसे बिना नीतीश ने राज्य का लगभग कायापलट कर दिया।
उस काम को और बेहतर करने के लिए जरूरी है कि सड़कों पर से अतिक्रमण हटे।
सरकारी आॅफिसेज में जारी भीषण भ्रष्टाचार दूर हो
और राजनीतिक संरक्षण प्राप्त खूंखार अपराधी भी यह महसूस करें कि जो काम योगी आदित्य नाथ यू.पी.में कर सकते हैं,वही काम बिहार का एक ‘‘सम्राट’’ भी करके लोगों का ‘‘हृृदय सम्राट’’ बन सकता है।
बाबा तो यू.पी.में हृदय सम्राट बन ही चुके हंै।
वहां के आम लोग खुश हैं।यहां तक कि मुस्लिम महिलाएं भी टी.वी.चैनलों पर कहती हैं कि बाबा के राज में हम अब रात-बिरात सड़कों पर निकल सकती हैं।
आम लोग कहने लगे हैं कि अगला प्रधान मंत्री योगी को ही बनना चाहिए।
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वी.पी.सिंह बाद में प्रधान मंत्री बने थे।पर जनता ने उन्हें पहले ही प्रधान मंत्री मान लिया था।
क्योंकि वी.पी.ने भ्रष्टाचार के खिलाफ समझौता विहीन अभियान चला दिया था।
नरेंद्र मोदी जब मुख्य मंत्री थे तभी उनके अच्छे कामों के कारण देश के अनेक लोग उन्हें पी.एम.पद पर देखना चाहते थे।
राम जेठमलानी ने रजत शर्मा से बातचीत में तभी कहा था कि मैं देश में जहां भी जाता हूं लोग पूछते हैं--‘‘मोदी को प्रधान मंत्री कब बना रहे हो ?’’
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जनसत्ता के संवाददाता के रूप में मैंने इस बात को जानने के लिए बिहार में व्यापक सर्वे करवाया था कि अगला मुख्य मंत्री आप किसको बनाना चाहते हैं ?
तब के बिहार के मुख्य मंत्री भागवत झा आजाद के भ्रष्टाचार विरोधी अभियान से लगभग 75 प्रतिशत जनता दोबारा आजाद जी को ही सी.एम.बनाना चाहती थी।
क्योंकि आजाद जी ने कांग्रेस के निहितस्वार्थियों के कड़े विरोध को ठुकरा कर अपना सुधार अभियान जारी रखा था।आजाद ने ताकतवर सहकारी माफियाओं के होश ठिकाने लगा दिए थे।
यदि कांग्रेस हाईकमान ने,जिसने कभी ईमानदार नेता को बरदाश्त नहीं किया ,आजाद जी को मुख्य मंत्री पद से हटाया नहीं होता तो बिहार के अगले मुख्य मंत्री भी दोबारा आजाद जी ही होते,ऐसा मुझे तब सर्वे से लग गया था।
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जैसा कि आम तौर से होता रहा है,मौजूदा बिहार राजग के कुछ नेता,कार्यकर्ता या कुछ निहितस्वार्थी लोग ईष्र्या
वश या स्वार्थवश विजय-सम्राट की जोड़ी के इन अच्छे
कामों के विरोधी होंगे।
पर इस जोड़ी को भी जनहित में यह चाहिए
कि वे आंतरिक विरोध को दबा दें या नजरअंदाज कर दें।
उसके दबाव में नहीं आएं।
तभी सम्राट चैधरी और विजय कुमार सिन्हा राज्य का पूरा भला कर पाएंगे जैसा कि वे करना चाहते हैं।ध्यान रहे, कोई काम अधूरा न रहे।
सांप को घायल करके नहीं छोड़ा जाता।
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5 जनवरी 26
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