यदि वैध कागजात मौजूद होने के बावजूद इस देश में कहीं
भी मस्जिदों-मजारों को तोड़ा जा रहा है तो वह अन्याय है।
यदि बात उल्टी है तो किसी को धार्मिक भावना फैला कर
देश में बद अमनी कायम करने का कोई हक नहीं है।
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सुरेंद्र किशोर
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इन दिनों देश के कुछ बड़े मुस्लिम नेता यह प्रचार कर रहे हैं कि उनकी
मस्जिदें और मजारें उजाड़ी जा रही हैं।उनके साथ अन्याय हो रहा है।
क्या ऐसी मस्जिदें या मजारें भी उजाड़ी जा रही हैं जो वैध ढंग से
खरीदी गई या दान में मिली जमीन पर बनी हुई हैं ?
या सिर्फ वैसी मस्जिदें-मजारें उजाड़ी जा रही हैं जो जबरन
सरकारी या निजी जमीन पर कब्जा करके बनाई गई हैं ?
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यदि वैध ढंग से बनी मस्जिद -मजार को उजाड़ा जा रहा हैं तो
उस उजाड़े जाने का विरोध हर धर्म के न्यायप्रिय लोगों को
करना चाहिए।
साथ ही,तत्संबंधी मस्जिद-मजार वालों को वैध कागज के
साथ कोर्ट जाना चाहिए।
लेकिन यदि उजाड़ी जा रही मस्जिद-मजार की जमीन का वैध
कागज किसी के पास नहीं है तब तो उजाड़ने का पूरा हक शासन
को है।
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16 जुलाई 26
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