1990 के मंडल आरक्षण का विरोध करने का नुकसान
मंडल विरोधियों की ही भगतना पड़ा था
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मौजूद आरक्षण विरोधी आन्दोलन का नुकसान भी अंततः
उन्हें ही होगा जो आरक्षण का विरोध कर रहे हैं।
लाभ सिर्फ उन अराजक तत्वों को मिलेगा जो इस देश
को तोड़ना चाहते हैं।
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सुरेंद्र किशोर
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क्योंकि ये सब आरक्षण भारत के संविधान के अनुच्छेद-340, 341 और 342 प्रदत्त हैं।इनमें फेरबदल करने के लिए संविधान में संशोधन करना पड़ेगा।
आने वाली भी किसी भारतीय संसद की जातीय बनावट ऐसी नहीं होगी
जो संसद इस संबंध में आरक्षण विरोधियों के अनुकूल संविधान का संशोधन
कर सके।
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इसलिए आज के आरक्षण विरोध के नतीजे के परिणामस्वरूप देश में सिर्फ अराजकता फैलेगी।और उस अराजकता का लाभ सिर्फ देशी-विदेशी जेहादियों को मिल सकता है।
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1990 के मंडल आरक्षण के विरोधी सवर्णों से मैं तब कहा करता था कि विरोध करने से अंततः लालू प्रसाद को ही राजनीतिक मजबूती मिलेगी।आपको कुछ नहीं मिलेगा।(मेरी वह बात पूर्व कांग्रेसी विधायक हरखू झा को अब भी याद है।गवाही देने के लिए झा जी अब भी हमारे बीच हैं।)
वही हुआ भी।लालू-राबड़ी के 15 साल के शासन काल में मंडल विरोधी समुदायों की जो दुर्गति हुई ,वह सब वही लोग जानते हैं।
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विवादास्पद यू.जी.सी.निदेशों का मामला भी आप लोग सुप्रीम कोर्ट पर ही छोड़ दीजिए।उसी को फैसला करने दीजिए।अन्यथा वह भी आपके लिए प्रति उत्पादक साबित हो सकता है।
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27 अगस्त 26
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