Friday, September 19, 2008

डाॅट काम यानी वाइफ राबड़ी मुझे डांटिए कम

सुरेंद्र किशोर
पटना,11 जून। राबड़ी देवी@लालू यादव से@ः ‘ एजी, ई इंटरनेट आ डाट काम का होखेला ?’@यह इंटरनेट और डाॅटकाम क्या होता है ?@ लालू यादव @मजाक की मुद्रा में@ः ‘डब्लूडब्लूडब्लू राबड़ी डाॅट काम, यानी वाइफ राबड़ी मुझे डांटिए कम।’ देसज लालू परिवार नई तकनीकी का इसी खास अंदाज में स्वागत कर रहा है।लालू यादव जुलाई से इंटरनेट पर आने वाले हैं।कम्प्यूटर-इंटरनेट रखने वाले दुनिया भर के लोग अब लालू यादव को देख सकेंगे।उन्हें रोचक व्यक्तित्व वाले लालू यादव कई रूपों में घर बैठे दिखेंगे।उन देशों में लाालू यादव के बारे में अधिक उत्सुकता रहती है जहां भारतीय मूल के लोग अधिक हैं। लालू यादव के बाद राबड़ी देवी को भी इंटरनेट पर लाने की कोशिश जारी है। ऐसा दुनिया में शायद ही कहीं है कि एक अनपढ़ व्यक्ति दस करोड़ लोगों की तकदीर का फैसला कर रहा है। राबड़ी देवी इस मामले में अनोखा शासक हैं। लालू यादव की पत्नी होने के कारण वे मुख्य मंत्री हैं। यहां इस बात की चर्चा है कि अब लालू दंपत्ति इंटरनेट पर होंगे। इससे बिहार या देश की छवि बनेगी या बिगड़ेगी, इसको लेकर भी चर्चाएं हैं। जितने मुंह,उतनी बातें। लालू यादव एक साथ नायक भी हैं और खलनायक भी। कुछ लोगों के लिए नायक और कुछ दूसरे लोगों के लिए खलनायक। प्रचार प्रिय लालू यादव भी खुश है कि उन्हें इंटरनेट पर दिखाया जाएगा।अपने बैठकखाने में हाल में राजद अध्यक्ष ने खुद ही इसकी चर्चा की, ‘अब इंटरनेटवा पर भी हमको देखाएगा।’ इसी के बाद मुख्य मंत्री राबड़ी देवी ने उत्सुकतावश सवाल किया था कि डाट काम का माने का होखेला ?@डाॅटकाम का अर्थ क्या होता है ?@ राबड़ी देवी करीब तीन साल से मुख्य मंत्री हैं।कम्प्यूटर,इंटरनेट व सूचना क्रांति के दूसरे लाभों से बिहार को लाभान्वित करने की न तो लालू दंपति को समझ है और न ही मानसिकता। मध्य युग की मानसिकता से यहां सरकार व बिहार चल रहे हैं। यहां कछ हलकों मंे चंद्र बाबू नायडु और एस.एम.कृष्णा की चर्चाएं जरूर होती हैं।पर सरकारी काम काज पर उनका असर नहीं के बराबर है।इंटरनेट पर बिहार व लालू राबड़ी की जो तस्वीरें उभरेंगीं,उनकी कल्पना कठिन नहीं है।लालू यादव जिन विचित्रता,खूबी और खासियत के लिए जाने जाते हैं,वे सारे ‘मसाले’ इंटरनेट पर होंगे।वे भेंटकत्र्ता को बताएंगे कि बचपन में वे किस तरह भैंस चराते थे और उनकी मां घूम घूम कर दही बेचती थीं।वे चपरासी के भाई हैं।लालू यादव गाय या भैंस दूहते हुए दिखाए जाएंगे।वे मुलाकातियों को अपने सरकारी आवास का खटाल दिखाएंगे।वे अपनी पत्नी के सरकारी आवास में स्थित तालाब में मछली पकड़ते और हिजड़ा नाच देखते नजर आएंगे।साथ ही वे गरीबों के बीच कंबल बांटेंगे।वे दलितों के लिए निर्मित आवासों का उद्घाटन करते नजर आएंगे।उनके नौ बच्चे उनके साथ होंगे।यह भी दिखेगा कि वे गरीबों और पिछड़ों के बीच कितने लोकप्रिय हैं। पर, इंटरनेट पर यह दृश्य भी नजर आएगा कि वे भ्रष्टाचार के आरोप में जेल जा रहे हैं।उनकी पत्नी राबड़ी देवी हाल में राघो पुर से भारी मतों से विधान सभा का उप चुनाव जीत कर आई हैं।बिहार में गरीबों की संख्या बढ़ी है।अनपढ़ों का अनुपात घट नहीं रहा है।फोन,कम्प्यूटर और इंटरनेट के मामले में भी बिहार अन्य राज्यों से पीछे है। लालू यादव ने अपनी बेटी डा.मीसा भारती की शादी एक कम्प्यूटर इंजीनियर से की है।शायद दामाद शैलेश का ही असर हो।हाल मंे एक मुलाकाती से जब लालू ने अपने बेटे को मिलवाया तो उस स्कूली छात्र से पूछा गया कि ‘बड़ा होकर क्या बनना चाहते हो ?’ लालू पुत्र ने कहा कि ‘कम्प्यूटर इंजीनियर।’ पर, लालू यादव ने मुलाकाती से कहा कि ‘नहीं,यह तो मुख्य मंत्री पद की लाइन में है।’ यानी,कम्प्यूटर से बड़ी यहां राजनीति है।अपनी अजीबोगरीब राजनीति के कारण ही तो लालू यादव दुनिया भर के कम्प्यूटरों पर नजर आएंगे।@साभार ः जनसत्ता ः12 जून 2000 @

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