क्या मेरी यह आशंका निराधार है ?
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सुरेंद्र किशोर
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सुप्रीम कोर्ट ने चुनाव आयोग को यह सलाह दी है कि वह आधार कार्ड, मतदाता पहचान पत्र और राशन कार्ड को भी भारतीय नागरिकता के सबूत के रूप में स्वीकार करने पर विचार करे।
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यदि चुनाव आयोग ने सुप्रीम कोर्ट की यह सलाह मान ली तो अगले दस-बीस वर्षों में भारत में सिर्फ उसी की सरकारें बनेंगी जिसे घुसपैठियों के एक मुश्त वोट मिलेंगे।अब भी एक राज्य में बन ही रही है।
उसके बाद तो सेकेंड फेज में कोई बांग्लादेशी या रोहिंग्या ही इस देश के प्रधान मंत्री और मुख्य मंत्री बन सकते हैं !
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क्या मेरी यह आशंका निराधार है ?
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11 जुलाई 25
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