बिहार में गत साल नवंबर में 4 विधान सभा सीटों पर उप चुनाव हुए थे।
इनमें से तीन सीटें इंडी गठबंधन के पास थीं।
पर उप चुनाव में चारों सीटें राजग जीत गई ।
नवंबर, 24 के बाद कौन सा इतना बड़ा परिवर्तन हो गया कि अब अगले बिहार विधान सभा चुनाव में राजग को सिर्फ 45-50 सीटें ही मिलने की उम्मीद है ?
कांग्रेस कह रही है कि कम सीटें मिलने जा रही हंै,इसीलिए विशेष सर्वेक्षण करा कर नाम हटाने का षड्यंत्र हो रहा है।
दरअसल किसी सर्वेक्षण से कांग्रेस को यही पता चला है कि 45-50 सीटें ही राजग को बिहार में मिलेगी।कैसा सर्वेक्षण कराती है कांग्रेस ?
सन 2019 के लोक सभा चुनाव रिजल्ट आने से पहले भी कांग्रेस ने तथाकथित एग्जिट पोल करवाया था।उसके रिजल्ट के अनुसार भाजपा को 200 से भी कम सीटें मिलनी थीं।पर राजग को सन 2019 में मिली 303 सीटें।
23 मई 2019 के अखबार में वह खबर छपी थी।इस पोस्ट के साथ उस खबर की कटिंग दी जा रही है।उसी तरह का पोल कराती है कांग्रेस।
जबकि यह खबर भी है कि एक पेशेवर जनमत संग्रह कर्ता ने अनुमान लगाया है कि बिहार विधान सभा के आगामी चुनाव में राजग को आसानी से बहुमत मिल जाएगा।
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सुरेंद्र किशोर
जुलाई 25
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