बुधवार, 2 जुलाई 2025

 महाकवि कालिदास--उच्चैठ या उज्जैन !

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सुरेंद्र किशोर

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जनश्रुति है कि मधुबनी जिले के उज्जैठ गांव की भगवती के मुख पर कालिख पोतने को उद्यत महामूर्ख कालिदास जगन्माता भगवती के प्रसाद से महाकवि कालिदास हो जाते हैं।

यद्यपि यह माना जाता है कि महा कवि कालिदास बिहार के मिथिला क्षेत्र के थे और उज्जैन उनकी कर्मभूमि थी।

  पर, जन्म स्थान को लेकर अनिश्चितता फिर भी रही है।

हाल में मैंने लक्ष्मण झा की पुस्तक पढ़ी जिसमें कालिदास डीह की चर्चा है।

पुस्तक का नाम है ‘‘महाकवि कालिदास कहां और कब ?’’

यह पुस्तक 1998 में प्रकाशित हुई।

  पुस्तक में लक्ष्मण झा लिखते हैं--‘‘यहां मैं एक तथ्य की ओर सबों का ध्यान आकृष्ट करना चाहता हूं।अंग्रेजी सरकार 

 ने सन 1900 में भूमि संबंधी कागज तैयार करने एवं राजस्व सुधार के लिए अपने राज्य बिहार प्रांत में भी परिमाप कराया।

 उज्जैठ (मधुबनी जिला)गांव का भी परिमाप कराया गया।उस गांव के राजस्व रिकार्ड में एक डीह के बारे में लिखा हुआ है कि यह डीह कालिदास डीह के रूप में मशहूर है।

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1 जुलाई 25

  

  


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