सोमवार, 28 जुलाई 2025

     आखिरी चेतावनी

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  अपनी संतान को बचाना हो तो बचा लो

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‘‘भारत में बसा ‘पाकिस्तान’ सरकता हुआ तुम्हारी तरफ आ रहा है।

 तुम तो जिन्दगी गुजार लोगे ,खून के आंसू रोएगी तुम्हारी आने वाली पीढ़ियां।’’

           ----एक अज्ञात

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(कश्मीर से शुरू होकर मुर्शिदाबाद होते हुए छांगुर बाबा के साम्राज्य तक पहुंचा है।)


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