जन्म दिन पर बधाई से आम तौर पर
होेते हैं व्यक्तिगत संबंध मजबूत
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सुरेंद्र किशोर
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केंद्रीय मंत्रिमंडल के सदस्यों के हर जन्म दिन पर राष्ट्रपति बधाई दिया करते हैं।
सांसदों के हर जन्म दिन पर प्रधान मंत्री बधाई देते हैं।
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मुझे मालूम नहीं कि यह परंपरा मोदी सरकार ने शुरू की है या पहले से रही है !
कोई जानकार व्यक्ति मेरा ज्ञान बढ़ाए।
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पर, लगता है कि यह नई है जिसकी चर्चा मैं करने जा रहा हूं।
पद् सम्मान से सम्मनित व्यक्तियों के हर जन्म दिन पर केंद्रीय गृह मंत्री खुद फोन करके बधाई देते हैं।
उससे पहले सम्मान मिलने के तत्काल बाद भी गृह मंत्री ‘‘परसनल टच’’ देते हुए सम्मानित व्यक्ति को थोड़ी लंबी चिट्ठी लिख कर बधाई देते हंै।
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दूसरी ओर, राज्यों के मुख्य मंत्रियों का कम से कम अपने राज्य के पद्म सम्मानित व्यक्तियों के प्रति कैसा रुख-रवैया रहता है ?
क्या वे उन्हें बधाई देते भी हैं ?
व्यक्तिगत रूप से या सार्वजनिक - सामूहिक रूप से ?
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इस संबंध में बहुत तो नहीं मालूम ।
लेकिन हाल में यह खबर आई थी कि ओड़िशा सरकार ने अपने प्रदेश के पद्म सम्मानित व्यक्तियों को मासिक 30 हजार रुपए मानदेय देना शुरू किया है।
संभवतः उस राज्य सरकार ने इसलिए ऐसा किया है क्योंकि मोदी राज में आम तौर पर आर्थिक रूप से कमजोर लोगों को कुछ अधिक ही संख्या में पद्म सम्मान मिलने लगे हैं।
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उधर तेलांगना सरकार ने कुछ महीने पहले एक दैनिक मजदूर दर्शनम मुंगलैया को भारी आर्थिक सहायता दी।
मुंगलैया को मोदी सरकार के ही कार्यकाल में पद्म सम्मान से राष्ट्रपति द्वारा सम्मानित किया गया था।
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25 जनवरी 25
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पुनश्चः --
आज देर रात भी देश के उन अनेक लोगों के नामों की घोषणा होगी जिन्हें पद्म सम्मान के लिए चुना गया होगा।
इस बार विभिन्न राज्यों के मुख्य मंत्रियों को चाहिए कि वे अपने -अपने राज्य के सम्मानित लोगों को कम से कम फोन पर बधाई दे दें और कुछ भले संभव न हो।
फोन पर बधाई दे देने में कौन सा पैसा लगता है ?
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