मंगलवार, 18 मार्च 2025

  शाहीन बाग से जंतर-मंतर तक 

--------------

तब नागरिकता जाने की अफवाह,

अब वक्फ जमीन खोने का झूठ !

------------- 

सुरेंद्र किशोर 

--------------

झूठ-अफवाह के आधार पर कोई 

सार्थक आंदोलन संभव नहीं

----------------

22 सितंबर, 2024 को ए.आई.एम.आई.एम.के प्रधान असदुद्दीन ओवैसी ने सार्वजनिक रूप से यह स्वीकार किया था कि उत्तर प्रदेश में एक लाख 12 हजार वक्फ संपत्तियों के (मौजूदा कब्जेदारों या दावाकत्र्ताओं के पास) पक्ष में ऐसा कोई दस्तावेजी सबूत नहीं है कि वह वक्फ की ही संपत्ति है।

यू.पी.में वक्फ संपत्तियों की कुल संख्या एक लाख 21 हजार है।(ओवैसी के इस बयान को आप आज भी गुगल पर देख सकते हैं।)

  -------

पर,कल जंतर मंतर के धरना स्थल पर ओवैसी ने कहा कि यदि वक्फ संशोधन विधेयक संसद से पास हो जाएगा तो कब्रिस्तान ,मदरसा और मस्जिदें मुसलमानों से छीन ली जाएंगी।

-------------

यू.पी.के जिन एक लाख 12 हजार वक्फ संपतियों पर यदि कब्रिस्तान,मदरसे और मस्जिदंे होंगी तो वे तो छीनी ही जानी चाहिए।छीनी ही जाएगी।

  वैसे भाजपा ने कल कह दिया है कि वक्फ संशोधन बिल पास हो जाने के बावजूद स्पष्ट स्वामित्व वाली वक्फ संपत्तियों की कोई जमीन नहीं छीनी जाएगी।

---------------

नाजायज कब्जे का जो अनुपात यू.पी.में है,वही अनुपात संभवतः पूरे देश में है।इसीलिए तो इस देश में वक्फ के पास 9 लाख एकड़ जमीन होने का दावा है।

  ----------------

शाहीन बाग की कहानी

--------------

कुछ ही साल पहले अतिवादी मुसलमानों के नेतृृृत्व में शाहीन बाग (दिल्ली) में धरना दिया गया।

धरना नागरिकता संशोधन कानून के खिलाफ था।उनका तर्क था कि उसके लागू होने से भारत के मुसलमानों की नागरिकता छीन ली जाएगी।

जबकि केंद्र सरकार ने तब लगातार यह कहा था कि यह कानून किसी की नागरिकता छीनने के लिए नहीं बल्कि नागरिकता देने के लिए है।

सी.ए.ए.के तहत आसपास के मुस्लिम बहुल देशों से, जो वहां के अल्पसंख्यक प्रताड़ित होकर भारत आए,उन्हें आज नागरिकता दी जा रही है।पर इस सिलसिले में किसी भारतीय मुस्लिम की नागरिकता नहीं छीनी जा रही है।

अब बताइए,कितने बड़े झूठ को आधार बना कर ‘‘शाहीन बाग’’ किया गया।तब दिल्ली तथा अन्य जगह उन लोगों ने भीषण दंगा भी किया था।

अनेक तथकथित सेक्युलर वोट लोलुप राजनीतिक दलों के नेताओं ने शाहीन बाग जाकर उन दंगाइयों के प्रति एकजुटता दिखाई थी।

बाद में पता चला कि उस धरना के पीछे प्रतिबंधित जेहादी संगठन पी.एफ.आई.था।उस अभियान के लिए विदेश से भारी पैसे आए थे।याद रहे कि आज इस देश के 90 प्रतिशत मुस्लिम वोट का कंट्रेाल पी.एफ.आई.के कब्जे में है।

---------------

उसी तरह जब वक्फ संशोधन बिल पास हो जाएगा तो किसी जायज वक्फ संपत्ति को सरकार कभी नहीं छीनेगी।पर नाजायज संपति वक्फ के पास नहीं रहेगी।

-----------------

18 मार्च 25  


कोई टिप्पणी नहीं: