बिल्डर्स-डेवलपर्स का अयोध्या कूच
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रामजी की कृपा से बिल्डिरों और डेवलपरों की चांदी होने
वाली है।
चांदी कौन कहे ,मिट्टी को सोना बनाने के लिए बाहर के डेवलपर्स भी अयोध्या कूच कर रहे हैं।
कुछ तो पहुंच भी चुके हैं।
मर्यादा पुरूषोत्तम श्रीराम के भव्य मंदिर के निर्माण के साथ -साथ अयोध्या और आसपास के इलाकों का भी तेज विकास
अवश्यम्भावी है।
मंदिर बनने के बाद संभवतः अयोध्या देश का सबसे बड़ा तीर्थ स्थल बन जा सकता है।
राम घट -घट में जो हैं !
जैसे-जैसे इस देश में राक्षसी प्रवृति वाले रावणों की संख्या बढ़ेगी,उनके सफाए के लिए लोगबाग उस प्रेरणास्थल की ओर रुख करेंगे।
रावण न सिर्फ बाहर है बल्कि कई लोगों के भीतर भी है।
आज की राजनीति-ब्यूरोक्रेसी-न्यायपालिका में जो थोड़े से
अच्छी प्रवृति के लोग हैं,उनकी भी नहीं चलने दे रहे हैं आज के ताकतवर रावण।
लगता है कि दस सिर वाले की ताकत त्रेता से भी अधिक हो चुकी है।
ताजा उदाहरण प्रदूषण से पीडि़त लोगों का है।
प्राण जाए,पर वोट न जाए !
इस प्रवृति वाले नेतागण प्रदूषण के लिए एक दूसरे को जिम्मेदार ठहरा कर अपने कत्र्तव्यों की इतिश्री कर रहे हैं।
पर एक साथ मिलकर प्रदूषण नामक मानवनिर्मित राक्षस से लड़ने को वे तैयार ही नहीं हैं।
उससे वोट के बिदकने का खतरा जो है !
ऐसे लोगों से राम जी बचाएं इस देश को !
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रामजी की कृपा से बिल्डिरों और डेवलपरों की चांदी होने
वाली है।
चांदी कौन कहे ,मिट्टी को सोना बनाने के लिए बाहर के डेवलपर्स भी अयोध्या कूच कर रहे हैं।
कुछ तो पहुंच भी चुके हैं।
मर्यादा पुरूषोत्तम श्रीराम के भव्य मंदिर के निर्माण के साथ -साथ अयोध्या और आसपास के इलाकों का भी तेज विकास
अवश्यम्भावी है।
मंदिर बनने के बाद संभवतः अयोध्या देश का सबसे बड़ा तीर्थ स्थल बन जा सकता है।
राम घट -घट में जो हैं !
जैसे-जैसे इस देश में राक्षसी प्रवृति वाले रावणों की संख्या बढ़ेगी,उनके सफाए के लिए लोगबाग उस प्रेरणास्थल की ओर रुख करेंगे।
रावण न सिर्फ बाहर है बल्कि कई लोगों के भीतर भी है।
आज की राजनीति-ब्यूरोक्रेसी-न्यायपालिका में जो थोड़े से
अच्छी प्रवृति के लोग हैं,उनकी भी नहीं चलने दे रहे हैं आज के ताकतवर रावण।
लगता है कि दस सिर वाले की ताकत त्रेता से भी अधिक हो चुकी है।
ताजा उदाहरण प्रदूषण से पीडि़त लोगों का है।
प्राण जाए,पर वोट न जाए !
इस प्रवृति वाले नेतागण प्रदूषण के लिए एक दूसरे को जिम्मेदार ठहरा कर अपने कत्र्तव्यों की इतिश्री कर रहे हैं।
पर एक साथ मिलकर प्रदूषण नामक मानवनिर्मित राक्षस से लड़ने को वे तैयार ही नहीं हैं।
उससे वोट के बिदकने का खतरा जो है !
ऐसे लोगों से राम जी बचाएं इस देश को !
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