शुक्रवार, 15 मार्च 2019

जद@से@के सुप्रीमो व पूर्व प्रधान मंत्री एच डी देवगौड़ा के दो पोते इस बार लोक सभा  चुनाव लड़ रहे हैं।
 पुत्र मुख्य मंत्री हैं।दूसरे पुत्र राज्य में मंत्री हैं।
पतोहू कर्नाटका विधान सभा की सदस्या हैं।
  बुधवार को  जन सभा में देवगौड़ा ने कहा कि ‘ बताइए, मुझ पर परिवारवाद का आरोप लगाया जा रहा है !’
यह कह कर वे रोने लगे।
 अब भला आप बताइए ! डायनेस्टिक डेमोक्रेसी के इस दौर में  किसी वंशवादी-परिवारवादी नेता के प्रति ऐसा ‘अन्याय’  न तो उत्तर भारत में होता है और न ही बगल के तमिलनाडु में !
उत्तर प्रदेश में तो दो राजनीतिक परिवारों ने एक दूसरे के परिजन के खिलाफ उम्मीदवार तक नहीं देने का निर्णय किया है।
फिर एक परिवार के सिर्फ 5 ही सदस्य तो  राजनीति में लाए गए हैं। इतनी सी छोटी बात के लिए  कर्नाटका के मीडिया,लोग और दल  इतना बड़ा ‘अन्याय’ देवगौड़ा परिवार के साथ आखिर क्यों कर रहे  हैं ! ?
बात समझ में आ रही है न कि देश किस ओर जा रहा है ! 
इस पर आप रोएंगे या हंसेंगे ? 


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