शनिवार, 19 अक्तूबर 2019

 राम जन्मस्थान पर मस्जिद का होना दुर्भाग्यपूर्ण है।
केवल एक विदेशी -विधर्मी विजेता के अहंकार व प्रजा के मनोवैज्ञानिक दमन, अपमान का चिन्ह है।
मुसलमान इसे अहंकार व राजनीति का मुद्दा ना बनाकर सहर्ष हिन्दुओं को सौंप देते तो अद्भुत हिन्दू-मुस्लिम सौहार्द कायम होता।
यह मेरी निजी राय है।
           ---जनसत्ता के पूर्व संपादक राहुल देव

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