बुधवार, 25 दिसंबर 2019

वाजपेयी जी के जन्म दिन पर
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जब मैंने अटल जी के हाथों से बना आमलेट खाया
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4 नवंबर 1974 को पटना में एक जुलूस पर हुए पुलिस लाठी
चार्ज में नाना जी देशमुख घायल हो गए थे। 
    पटना मेडिकल काॅलेज  के राजेंद्र सर्जिकल वार्ड में घायल नानाजी को देखने अटल बिहारी वाजपेयी  दिल्ली से आए।
 गंभीर रूप से घायल अन्य अनेक जेपी आंदोलनकारी भी
तब अस्पताल में थे।
 एक पत्रकार के रूप में मैं भी वहां यदाकदा जाया करता था।
उन दिनों मैं साप्ताहिक ‘प्रतिपक्ष’ का बिहार संवाददाता था।
  संयोग से जिस दिन अटल जी आए थे , मैं भी वहां था।
अटल जी ने खुद आमलेट बना कर नानाजी को खिलाया।
न सिर्फ नाना जी को बल्कि मेरे सहित वहां जो भी थे, सबके लिए अटल जी ने बारी -बारी से बनाया और खिलाया।
हमारे मना करने के बावजूद अटल जी नहीं माने।
बनाते रहे और बारी -बारी से किचेन से ला-ला कर सबको खिलाते रहे। 
 याद रहे कि नाना जी ही थे जिन्होंने जनसंघ में तब के बड़े नेता बलराज मधोक को दरकिनार करके अटल जी को आगे किया।
मधोक जी थोड़ा अतिवादी थे,पर  अटल जी समन्वयवादी।
जनसंघ के संगठन मंत्री नाना जी को संभवतः यह लगता था कि इस देश में मधोक के बदले वाजपेयी ही चलेंगे।
चले भी।
गुजरात दंगे की पृष्ठभूमि में अटल जी ने नरेंद्र मोदी से भी राज धर्म निभाने के लिए कहा था।
--सुरेंद्र किशोर--25 दिसंबर 2019
              





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