रविवार, 9 दिसंबर 2018

कांग्रेस ने सन 2019 के लिए कल अपना अघोषित घोषणा पत्र घोषित कर दिया।
  राॅबर्ट वाड्रा के खिलाफ जांच एजेंसियों की जारी कार्रवाई से सख्त नाराज मशहूर वकील अभिषेक मनु सिंघवी ने संबंधित अफसरों को चेतावनी देते हुए कहा कि ‘हवा बदल रही है।मोदी बचाने नहीं आएंगे।’
  इसी तरह की चेतावनी नितिन गडकरी ने भी 24 जनवरी, 2013 को अफसरों को दी थी।उनके खिलाफ जांच कर रही एजेंसी के अफसरों को धमकाते हुए गडकरी ने कहा था कि ‘भाजपा सत्ता में आई तो आपको कोई नहीं बचाएगा।’
उसके बाद आयकर विभाग के अफसरों के संघ ने 27 जनवरी, 2013 को इस धमकी के लिए गडकरी से माफी  की मांग की थी।
पर, 12 मई 2014 को खुद आयकर महकमे ने कह दिया कि गडकरी के खिलाफ कोई जांच नहीं हो रही है।
यह पता नहीं चला कि तब की चुनावी हवा का रुख देख कर आयकर अफसरों  ने ऐसा कहा या सचमुच गडकरी के खिलाफ कोई मामला नहीं बनता था।
   अब बारी कांग्रेस को लेकर जांच एजेंसियों की है।
देखना है कि जांच महकमों के अफसरों को 2019 की चुनावी हवा की ‘पहचान’ कब होती है !
  अपना देश ऐसे ही चल रहा है।
यहां आम तौर पर कोई ताकतवर व्यक्ति यह नहीं कहता कि यदि हमारे खिलाफ कोई आरोप बनता है तो उसकी सुनवाई अदालत में हो।
  यदि आरोप गलत है,किसी ने किसी को फंसाया है तो फंसाने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई का प्रावधान इस देश में उपलब्ध भी है। 
पर उसमें न जाकर यहां अधिकतर प्रभावशाली लोग  नियम, कानून, जांच और अदालती कार्रवाई से खुद को ऊपर मानते हैं। 

  

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